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महिला कांस्टेबल ने की एग्जाम दे रही महिला उम्मीदवार के बच्चे की देखभाल, सोशल मीडिया पर छाया Video

परीक्षा दे रही एक महिला की मदद करने के लिए आगे आई गुजरात पुलिस के एक कांस्टेबल की सोशल मीडिया पर सराहना की जा रही है. महिला अपने छह महीने के बच्चे के साथ रविवार को अहमदाबाद के ओधव में गुजरात उच्च न्यायालय की चपरासी भर्ती परीक्षा देने आई थी.

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सोशल मीडिया पर छाया Video

Newz Funda, Newdelhi: परीक्षा दे रही एक महिला की मदद करने के लिए आगे आई गुजरात पुलिस के एक कांस्टेबल की सोशल मीडिया पर सराहना की जा रही है. महिला अपने छह महीने के बच्चे के साथ रविवार को अहमदाबाद के ओधव में गुजरात उच्च न्यायालय की चपरासी भर्ती परीक्षा देने आई थी.

परीक्षा शुरू होने वाली थी लेकिन बच्चा लगातार रो रहा था. स्थिति को देखकर, कांस्टेबल दया बेन आगे बढ़ीं और बच्चे को अपनी गोद में ले लिया. उन्होंने बच्चे की देखभाल की ताकि उसकी मां परीक्षा दे सके. अहमदाबाद पुलिस द्वारा ट्विटर पर शेयर किए जाने के बाद बच्चे के साथ खेलते हुए कांस्टेबल की तस्वीरें वायरल हो रही हैं.

कांस्टेबल ने परीक्षा दे रही मां के बच्चे को यूं संभाला

गुजराती से अनुवादित वीडियो के कैप्शन में कहा गया, “एक महिला पुलिस कांस्टेबल दया एक मां की मदद के लिए आगे आई जो अहमदाबाद के ओधव में अपनी परीक्षा दे रही थी.

जब बच्चा रोने लगा तो कॉन्स्टेबल ने हस्तक्षेप किया, जिससे मां को बच्चे की चिंता किए बिना अपनी परीक्षा जारी रखने की अनुमति मिल गई." 9 जुलाई को शेयर किए जाने के बाद से ट्वीट को 2,800 से अधिक लाइक मिले हैं और नेटिजन्स ने कांस्टेबल की दयालुता के कार्य के लिए उसकी प्रशंसा की. 

तस्वीरों पर यूजर्स ने दिए कुछ ऐसे रिएक्शन

एक यूजर ने कमेंट किया, "बहुत-बहुत धन्यवाद बहन." गुजराती में एक अन्य ने लिखा, “एक दूसरे की मदद करने वाले समाज से प्रशंसनीय काम की उम्मीद की जाती है.” गुजराती में एक तीसरे यूजर ने कमेंट में लिखा, “एक महिला पुलिस अधिकारी दयाबेन ने आज मां बनकर और उसके बच्चे को बचाकर एक परीक्षार्थी की मां की सही मायने में मदद की.

” एक अन्य ने लिखा, "अहमदाबाद पुलिस ने वाकई सराहनीय काम किया. हमें आप पर गर्व है महोदया." वहीं, एक और ने लिखा, "एक पिता बच्चे को बरगद के पेड़ जैसी विशाल छाया दे सकता है, लेकिन केवल एक मां ही बच्चे का दर्द और शिशु की पीड़ा, भूख और नींद को समझ सकती है!" एक अन्य यूजर ने लिखा, "अद्भुत. ईश्वर ने यदि ऐसा प्रेम, समर्पण, करुणा और दया न बनाई होती तो इंसान और जानवर में कोई अंतर ही नहीं होता."