home page

मुगल इतिहास की सबसे मंहगी शादी थी दारा शिकोह की, जानते है कितना आया था खर्चा

औरंगजेब के भाई और शाहजहां के बेटे दारा शिकोह की शादी मुगल इतिहास की सबसे मंहगी शादी मानी जाती है। शहाजहांं अपने बेटे से बहुत प्यार करते थे। दारा की शादी में आज के 32 लाख......

 | 
ef

Newz Funda, New Delhi अक्सर हमने शाहजहां के बड़े बेटे दारा शिकोह के किस्से सुने है। तख्त के लालच में उनके अपने भाई औरंगजेब ने ही उनकी हत्या करवा दी थी। शाहजहां दारा से बहुत प्रेम करते थे वे उन्हे जंग पर भी नही भेजते थे. 

शाहजंहा ने घोषणा कर दी थी कि उसके बाद दारा ही हिंदुस्तान का बादशाह बनेगा. लेकिन यह बात औरंगजेब को अच्छी नही लगी. औरंगजेब युद्ध लड़ने जाता था इसलिए उसे कम उम्र में ही सत्ता का अनुभव हो गया था। 

वही दारा विद्वान और साहित्य प्रेमी थे. वह युद्ध करना नही जानते थे. इसी का फायदा औरंगजेब तो मिला और उसने युद्ध मे दारा को हरा कर कैद कर लिया. बाद में औरंगजेब ने उनकी हत्या करवा दी 

32 लाख की शादी 

दारा शिकोह की शादी को मुगल इतिहास की सबसे मंहगी शादी माना जाता है। इंग्लैड़ के पीटर मैंडी के एक लेख से पता चलता है की उस वक्त शादी मे आज के 32 लाख रूपये खर्च हुए थे.इस शादी मे 8 दिनो तक महमानो ने दावत उड़ाई थी. 

इतिहासकार अवीक चंद के अनुसार शाहजहां की बड़ी बेटी जहांआरा भी दारा से बहुत प्रेम करती थींं। शादी पर लगे 32 लाख मे से 216 लाख रूपये जहांआरा ने आपने पास से खर्च किए थे. दारा शिकोह की शादी 1 फरवरी 1633 को नादिरा बेगम से हुई थी. 

जो लिबाज शादी के दिन दुल्हन ने पहना था उसकी कीमत 8 लाख रूपये थी इस शादी में इतनी रोशनी की गई थी कि दिन और रात का अंतर मालुम कर पाना मुशकिल था।
किसी अपने ने की गद्दारी 

दारा को युद्द का अनुभव कम था क्योंकी शाहजहां उनहे जंग पर नही भेजते थे. उन्होंने कंधार की लड़ाई लड़ी थी लेकिन वे हार गए थे. जब दारा और औरंगजेब के बीच जंग हुआ उस समय दोनो हाथी पर सवार थे. औरंगजेब केपास सेना कम थी जबकि दारा के पास 4 लाख सैनिक थे. 

जंग की शुरूआत में दारा भारी पड़ रहे थे  हालांकि इसी बीच खलीलउल्लाह खां ने उनके साथ गद्दारी की और कहा कि आप जंग जीत रहे हैं। इसलिए आप हाथी पर बैठकर खुद को खतरे में मत डालिए। यहां कोई भी तीर आकर लग सकता है। आप घोड़े पर बैठ जाएं। 

दारा के हाथी से उतरते ही उसने उनके मरने की अफवाह फैला दी जिससे सेना में हड़बड़ी मच गई. सैनिको ने हाथी का हौदा खाली देखा तो वे भागने लगे। इसके बाद औरंगजेब ने सारी सेना को रोंद डाला. बताया जाता है कि दारा कि सेना भी अनुभवी नही थी. 

इसमें भिस्ती, कसाई, मजदूर, नाी आदि शामिल थे। जंग हारने के बाद दारा पंजाब की ओर भाग गए ओर फिर अफगानिस्तान चले गए। इसके बावजूद औरंगजेब ने उन्हे पकड लिया और दिल्ली लाकर बेइज्जत किया। बताया जाता है कि दारा शिकोह को फटे कपड़े पहनाकर बीमार हाथी पर घुमाया गया था। 

बर्नियर के मुताबिक दारा के पैर जंजीर से बंधे थे। कड़ी धूप में उन्हें अर्धनग्न करके दिल्ली की सड़कों पर घुमाया गया। औरंगजेब ने अपने गुलाम नजर बेग से कहकर दारा शिकोह का सिर कटवा दिया। बताया जाता है कि औरंजेब ने भाई के कटे हुए सिर की भी परेड करवाई और बाद में इसे ताजमहल परिसर में गड़वा दिया।