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अजब-गजब ! बिहार के लड़के ने कबाड़ से बनाया ट्रेक्टर, ऐसा देशी जुगाड़ की सब हुए हैरान !

 हमारे देश में आज भी कई ऐसे किसान हैं जिनका इतना बजट नहीं है कि वे खेत की जुताई करने के लिए ट्रैक्टर रख सकें और पारंपरिक पद्धति पर वापस लौटे. वहीं, बिहार राज्य के धुसवां गांव के एक 28 वर्षीय व्यक्ति ने कबाड़ से ट्रैक्टर बनाकर दिखाया है.
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अजब-गजब ! बिहार के लड़के ने कबाड़ से बनाया ट्रेक्टर, ऐसा देशी जुगाड़ की सब हुए हैरान !

Newz Funda, New Delhi: हमारे देश में आज भी कई ऐसे किसान हैं जिनका इतना बजट नहीं है कि वे खेत की जुताई करने के लिए ट्रैक्टर रख सकें और पारंपरिक पद्धति पर वापस लौटे. वहीं, बिहार राज्य के धुसवां गांव के एक 28 वर्षीय व्यक्ति ने कबाड़ से ट्रैक्टर बनाकर दिखाया है.

आपको बता दें की यह ट्रैक्टर न केवल बजट के अनुकूल है, बल्कि इसे चलाने के लिए पेट्रोल, डीजल, बिजली या सीएनसी जैसे संसाधनों की भी जरूरत नहीं है.

ट्रेक्टर बनाने वाले व्यक्ति का नाम संजीत है और इसने इसका नाम HE (ह्यूमन एनर्जी ) ट्रैक्टर रखा है.  मीडिया के जरिए उसने खुलासा करते हुए बताया है की इसे बनाने में लगभग एक महीने का वक्त लगा.

जुगाड़ से शख्स ने बनाया बिना पेट्रोल-डीजल वाला ट्रैक्टर
साइकिल चलाने के दौरान जितनी एनर्जी लगती है उतनी एनर्जी ही इसे चलने में लगेगी. उनका कहना है उन्होंने हेडलाइट के रूप में उपयोग किए जाने वाले एलईडी बल्बों के लिए 5000 एमएएच पावर की चार्जेबल बैटरी इन्सर्ट की है. इसमें गियर 1-4 हैं ताकि यह सड़क के साथ-साथ मैदान में चल सके. यह HE ट्रैक्टर अपने ऊपर 600 किलोग्राम तक वजन झेल सकता है. यह भी जान ले की ट्रेक्टर आसानी से 2.5 से 3 इंच तक मिट्टी की जुताई कर सकता है जो एक सामान्य ट्रैक्टर के बराबर है.

पैसे और एनर्जी भी बचाता है, हेल्दी रहती है बॉडी

यह ट्रेक्टर एनर्जी और पैसे बचाने के साथ किसी भी जानवर को नुकसान नहीं पहुंचाता. इस ट्रेक्टर की खास बात यह है की बड़े ट्रेक्टर के मुकाबले जुताई के मामले में काफी बेहतर ऑप्शन है क्यूंकि यह छोटा होने के कारण खेत के हर कोने और छोटे पैमाने के खेतों या बगीचों में काफी प्रभावी है. 

माना जा रहा है की इस ट्रैक्टर की स्पीड करीब 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा के हिसाब से है. संजीत का कहना है की उन्होंने अपना एचई ट्रैक्टर पिछले साल आयोजित हुए भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान पर गोवा में प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया था. उस वक्त वह एकमात्र बिहार के व्यक्ति थे जिन्हें प्रदर्शन करने के लिए उनके इनोवेशन के लिए चुना था. उनके मॉडल को पुरस्कृत भी किया गया.