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Ajab-Gajab: एक ऐसा देश जिसके तानाशाह ने बनाए थे अजीबो गरीब नियम, कर दिया था कुत्तों को बैन, लगाई मेकअप करने पर रोक

आपने दुनिया के बहुत सारे तानाशाहों के बारे में सुना होगा,जिनके बारे में आज भी बातें की जाती है। देश तुर्कमेनिस्तान के तानाशाह के बारे में आज भी मध्य एशिया में होती है। चर्चा.....

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Newz Funda, New Delhi बताया जाता है कि इस देश में भी कई साल पहले एक तानाशाह शासन करता था। उस तानाशाह ने अपने शासनकाल में कुछ ऐसे नियम बनाए थे जिनकी बातें आज भी वहा के लोगो की जुबान पर है। वे नियम  इतने अजीब थे कि आप भी जानकर हैरान हो जाएगें.

इस देश के तानाशाह का नाम था सपरमुरत नियाजोव,इस तानाशाह ने तुर्कमेनिस्तान पर लगभग दो दशको तक राज किया। नियोजीव के द्वारा बनाए गये नियमो के बारे में जानकर हर कोई हैरान हो जाता है. सपरमुरत का निधन साल 2006 में हुआ था। 

लेकिन जब तक वह जिंदा रहा,लोगो द्वारा उसके बनाए कानुनो की पालना की जाती रही। कहने के लिए नियोजीव इस देश का राष्ट्रपति था लेकिन उसका व्य्हार एक तानाशाह के जैसा था तो चलिए जानते है उसके बनाए अजीबो गरीब कानुनो के बारे में.

सपरमुरत नियोजीव को साल 1992 में राष्ट्रपति पद के लिए चुना गया था। लेकिन इसके बाद उसने खुद को देश के रहने वाले हर नागरिक का नेता घोषित कर दिया था। खुद को नेता घोषित करने के बाद उसने देश मे अपनी एक सोने की मुर्ति भी स्थापित करवाई थी।

लगा दिया था कुत्तो पर बैन

ऐसा कहा जाता है कि नियोजीव को कुत्तो से नफरत थी. इसी वजह से देश की राजधानी अश्गाबाद में साल 2003 में कुत्तो को बैन कर दिया गया था। बताया जाता है कि तानाशाह ने एक फूल को अपना नाम दिया था और वह नहीं चाहता था कि कुत्तों की बदबू से फूलों की खुशबू बर्बाद हो। 

नही कर सकते थे टीवी पर मेकअप 

नियोजीव ने 2004 में एक और नया अजीबोगरीब नियम बनाया। इन कानुन के तहत, न्यूज रीडर्स, प्रोग्राम होस्ट लाइव टीवी पर मेकअप नहीं कर सकती थीं। वह चाहता था कि महिलाएं नेचुरल लुक में ही दिखे।

इन बीमारियों पर नही कर सकते थे चर्चा

नियोजीव के द्वारा यह नियम भी बनाया गया था कि मीडिया खबरों में संक्रामक बीमारियों के बारे में चर्चा नहीं कर सकते। एड्स, हैजा, सर्दी-जुकाम तक की न्यूज दिखाने पर रोक लगा दी थी। 

बनवाई 37 किलोमीटर लंबी सीढ़ी

नियोजीव को जब मंत्रियों और अधिकारियों के स्वास्थ्य की चिंता होने लगी, तो उसने एक 37 किलोमीटर लंबी सीढ़ी का निर्माण करवाया. जिसके साथ एक और नियम भी लागू किया गया.

इस नियम के अनुसार हर साल एक बार, राजधानी में रहने वाले सभी लोग सीढ़ी पर चढ़कर टॉप पर जाएंगे। लेकिन इस नियम का पालन वह खुद नही करता था.

लोगो को पढ़वाता था अपनी जीवनी 

नियाजोव ने लोगों को दांतों को मजबूत बनाने के लिए हड्डियां चबाने की सलाह दी थी। सबसे हैरानी बात यह है कि उसने तरबूज और खरबूजा खाने के लिए दिन तय किया था। अगस्त के दूसरे रविवार को मेलन डे के नाम से छुट्टी का दिन बनाया था।

इसके अलावा वह हर किसी को अपनी जीवनी पढ़ाता था। लोगों को पढ़ना ही नहीं होता था, उन्हें शनिवार को टेस्ट भी देना पड़ता था। देश के सभी मस्जिदों में कुरान के साथ जीवनी रखने का भी घोषणा की थी।