home page

सुबह-सुबह चिड़ियों के चहचहाने का क्या है राज, वैज्ञानिकों ने दिया इस बात का जबाब

वैज्ञानिकों ने इस बात को लेकर काफी रिसर्च की है, जिसके बाद यह बात सामने आई है कि चिड़ि‍यों के गुनगुनाने की वजह भी अलग-अलग होती है.
 | 
चिडियां

Newz Funda, New Delhi  यह बात तो आप सब लोग जानते ही हो कि चिड़िया सवेरे सवेरे ही चहचहाना शुरू कर देती है, लेकिन क्या आप ने कभी सोचा है कि चिड़िया सुबह -सुबह ही क्यों चहचहाती हैं? वैज्ञानिकों ने इस बात को लेकर काफी रिसर्च की है, जिसके बाद अलग-अलग वजह बताई है।

रिसर्च में यह बात सामने आई है, कि चिड़ि‍यों के गुनगुनाने की वजह भी अलग-अलग होती है। आइए इस बात के बारे में जानते है।

क्या कहता है साइंस

साइंस एबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, चिड़िया  हार्मोन का उतार-चढ़ाव के कारण गुनगुनाती है। एक रिसर्च में यह खुलासा हुआ है, कि शाम और रात के समय चिड़ियों में स्लीप हार्मोन का स्तर हाई हो जाता है। जैसे-जैसे सुबह होने लगती है, हार्मोन स्तर तेजी से घटने लगता है। 

इसलिए सुबह के समय नें चिड़िया ज्यादा एनर्जी महसूस करती हैं। नींद का असर कम होने की वजह से चिड़िया चहचहाने लगती है।

हार्मोन है वजह 

एक अन्‍य रिसर्च में यह बात सामने आई है कि चिड़िया एंड्रोजन हार्मोन की वजह से ऐसा करती है। एंड्रोजन सेक्‍स हार्मोन का एक ग्रुप होता है। जब चिड़ि‍यों में इस हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है तो ये मिलन के लिए तैयार होती है। 

सुबह के समय जब नर चिड़िया तेज आवाज में गुनगुनाती है, तो उनमें इस हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है। वहीं नर चिड़िया की आवाज सुनकर मादा में भी इस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है।

गुनगुनाने का निश्चित समय

कुछ खास प्रजाति की चिड़ियों के गुनगुनाने का एक निश्चित समय भी होता है। जैसे- मिनाह प्रजाति की चिड़ि‍यों के लिए अप्रैल से जून का समय ब्रीडिंग सीजन का रहता है। इस दौरान ये सुबह सबसे ज्यादा गुनगुनाती है। इसके उलट गौरैया चिड़िया साल भर गुनगुनाती है।

मौत पर चिल्लाती है

एक रिसर्च में यह खुलासा हुआ है कि ज्यादातर चिड़ियों की मौत रात के समय होती है। मौत होने पर चिड़िया सुबह के समय दूसरी चिड़िया को तेज आवाज में चिल्ला कर यह बात बताती है।