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कड़ी मेहनत के बूते SDM बन गईं Apoorva Yadav, पढ़िए हौसलों को उड़ान देने वाली Success Story

SDM अपूर्वा यादव की पहली महिला हैं, जो अपने सपनों को पूरा करने में सफल रही हैं।

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Newz Funda, New Delhi Success Story यूं ही नहीं लिखी जाती। उसके पीछे कहानी होती है सपनों को पूरा करने की।

सपनों को पूरा करना भी हर किसी के बस में नहीं होता। उसके लिए शुरुआत से ही सही दिशा और कड़ी मेहनत की जरूरत होती है।

जो हर किसी के बस में नहीं होता। यह कहा जाता है कि भाग्य में लिखा ही किसी को मिलता है।

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लेकिन मेहनत के बल पर भाग्य को बदला जा सकता है।

इस बात को साबित कर दिखाया है मैनपुरी शहर की पहली महिला एसडीएम अपूर्वा यादव ने।

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जो आज बेटियों के लिए प्रेरणास्त्रोत से कम नहीं हैं। 

उत्तरप्रदेश के छोटे से शहर में पली बढ़ी अपूर्वा यादव यूपी पीसीएस की परीक्षा में तीन बार असफल हुईं, लेकिन हार नहीं मानी।

लगातार मेहनत करती रहीं और आखिरकार चौथे प्रयास में सफलता ने उनके आगे घुटने टेक दिए और वे मैनपुरी शहर की पहली महिला एसडीएम बनीं।

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अपूर्वा ने अपनी पूरी पढ़ाई हिंदी मीडियम स्कूल से की, लेकिन उन्हें इंजीनियरिंग करनी थी।

इसके लिए अंग्रेजी आना जरूरी था, फिर क्या था वे पूरी लगन के साथ जुट गईं अपने सपनों को साकार करने के लिए। 

टीवी के इंग्लिश प्रोग्राम देखे, नॉवेल पढ़े।

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बिना शर्म के अंग्रेजी के टूटे फूटे वाक्य बोलना शुरू कर दिए।

उनका मानना है कि यदि व्यक्ति प्रयास करता रहे तो कोई भी चीज सीखी जा सकती है।

इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की और टीसीएस में नौकरी करने लगीं।

तीन साल टीसीएस में काम करने के दौरान उन्हें अमेरिका जाने का मौका मिला।

वहां उन्हें देश की सेवा करने का खयाल आया और उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी करने का मन बना लिया।

उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश पीसीएस की तैयारी भी की।

तीन बार वे इसमें सफल नहीं हो पाईं, लेकिन चौथे प्रयास में उन्हें सफलता मिल गई।

अपूर्वा ने उत्तरप्रदेश पीसीएस 2016 की परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल की और वे मैनपुरी की पहली महिला SDM बन गईं।